श्री त्रिमूर्तिधाम बालाजी हनुमान मंदिर

श्री बजरंग बाण

दोहा

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥  

 

जय हनुमान संत हितकारी। सुनि लीजै प्रभु विनय हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महासुख दीजै॥

जैसे कूदि सिंधु के पारा। सुरसा बदन पैठि विस्तारा॥ आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥

जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखिपरम पद लीन्हा॥ बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर जमकातर तोरा॥

अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥ लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर नभभई॥

अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी॥ जय जय लखन प्राण के दाता। आतुर हैव् दुख करहु निपाता॥

जय हनुमान जयति बल सागर। सुर समूह समरथ भट नागर॥ ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीलै। बैरिहि मारु बज्र की कीलै॥

ॐ हीं हीं हीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा॥ जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकर सुवन वीर हनुमंता॥

बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥ भूत, प्रेत, पिसाच निसाचर। अगनि बेताल काल मारीमर॥

इन्हें मारू, तोहि सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥ सत्य होहु हरि सपथ पाइ कै। राम दूत धरु मारु धाई कै॥

जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा॥ पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं॥ जनक सुता हरि दास कहावौ। ताकि सपथ, विलम्ब न लावौ॥

जय जय जय धुनि होत अकासा। सुमिरत होय दुसह दुख नासा॥ चरण पकरि, कर जोरि मनावौं। यहि औसर अब केहि गोहरावौं॥

उठ उठ चलु, तोहि राम दोहाई। पायँ परौं, कर जोरि मनाई॥ ॐ चम चम चम चम चपल चलंता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता॥

ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल। ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल॥ अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय अनंद हमारो॥

यह बजरंग-बाण जेहि मारै। ताहि कहौ फिरि कवन उबारै॥ पाठ करै बजरंग-बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥

यह बजरंग बाण जो जापै। तासों भूत-प्रेत सब कापैं॥ धूप देय जो जपै हमेसा। ताके तन नहि रहै कलेसा॥

दोहा

उर प्रतीति दृढ़, सरन हैव् पाठ करै धरि ध्यान। बाधा सब हर, करै सब काम सफल हनुमान॥

आगामी मुख्य कार्यक्रम

पर्व:- श्री संस्थापना पर्व (मढ़ावाला)

अक्टूबर
बुधवार
4
श्री सुन्दरकाण्ड सामूहिक पाठ संगव 10 बजे।
श्री पताकारोपण मध्यान 12 बजे।
श्री भण्डारा प्रारम्भ मध्यान 12:30 बजे

पर्व:- श्री हनुमान जयन्ती

अक्टूबर
मंगलवार
17
श्री हनुमान जयंती || श्री धनवंतरी जयन्ती || धनत्रयोदशी || धनतेरस || यम प्रीत्यर्थ दीपदान
17-10-2017
श्री राम चरित्र मानस पाठ प्रारम्भ प्रातः 9 बजे।
18-10-2017
श्री सुन्दरकाण्ड सामूहिक पाठ संगव 10 बजे।
श्री पताकारोपण मध्यान 12 बजे।
मध्यान 12:30 बजे से भण्डारा है।
श्री सहस्त्र दीपदान रात्रि 7 बजे।

मुख्य समाचार

पर्व:- श्री प्रेतराज जयन्ती

03 फरवरी 2017

पर्व श्री प्रेतराज जयन्ती, श्री त्रिमूर्तिधाम में 2 फरवरी को बड़ी हर्षोलास के साथ मनाया गया। 


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