" भूत की चिन्ता क्यों करते हो वर्तमान की चिन्ता करो भविष्य अपने आप उज्जवल हो जाएगा।"

आज का दिन

  • तिथि
    21-10-2019 सोमवार
    सप्तमी / अष्टमी  कार्तिक (कृष्ण पक्ष)
    2076 परिधावी विक्रम संवत

  • राहुकाल
    7:30-9:00  A.M.  प्रात:
    व्रत
    मासिक काल अष्टमी व्रत, अहोई अष्टमी व्रत

  • पर्व
    अहोई अष्टमी

श्री त्रिमूर्तिधाम पञ्चतीर्थ

का शाब्दिक अर्थ है - वह तीर्थ जहाँ 5 दिव्य विग्रह का वास हो...

आप सभी के ध्यानार्थ

भक्तों के ध्यानार्थ

श्री त्रिमूर्तिधाम में प्रभु मौन की भाषा समझते हैं - अतएव भक्तों को मौन भाव से उनके समक्ष प्रार्थित होना ...

सेवकों के ध्यानार्थ

सेवक के लिए अमर्यादित परिधान वर्जित है - निर्धारित परिधान पीत धोती कुर्त्ता अथवा पीत ...

नियमावली

श्री त्रिमूर्तिधाम में पालनीय आवश्यक नियम - श्री त्रिमूर्तिधाम में सिगरेट, बीड़ी, चाय पीना, पान ...

श्री भृगु शरण मन्त्र

ॐ आत्मवेत्ता वेदान्त सूक्ष्म तत्व परं ग्रही। विधि मानस भूतिश्च श्री भृगु शरणं मम्।।
हसौं  हंसः परं ब्रह्म योगिनां योगचितप्रभुः। रघूणां सुप्रकाशी च श्री भृगु शरणं मम्।।
शिवाज विष्णु नामीशो दृष्टा तेषां च संस्थितिम्ः। कमलाजः कमलाशापः श्री भृगु शरणं मम्।।
सर्व साक्षी सर्वमार्गी सर्वशास्त्र प्रवर्तकः। सर्वेभ्यः सुखदाता च श्री भृगु शरणं मम्।।
सच्चिदानन्द रूपश्च सत्कला सुप्रवर्धनः। सर्वनामी सर्व सौम्यः श्री भृगु शरणं मम्।।