गणेश वन्दना

जय-जय गणनायक – हृदय विधायक- एक दन्त महाकाय, –
जय-जय असुरारी अजिर विहारी मंगलमय भवतारी,
जय मंगलकरणा-संकट हरणा- दीनबन्धु असुरारी,
जय करूणा कंजा- सब दुःख भंजा- मोदक प्रिय सुरत्राता,
जय गिरिजानन्दन हे सुखकन्दन- सब जन हृदय विधाता
जय मूषिक वाहन जय चतुरानन जय प्रिय गिरिजा ईसा,
जय वक्रातुण्डा-दीर्घा सुण्डा-जय-जय-जय गज वेषा,
प्रथम पूज्य जय- देव पूज्य जय-जय-जय मंगलरूपा
सब सिद्धि दाता भाग्य विधाता जय-जय-जय गजरूपा
मंगल करणा भव से तरणा शरण पड़े प्रभु तेरी,
भगवन् आओ दया दिखाओ करो न कुछ अब देरी,
गजानना हे गजवदना मंगल मूरति रूप, –
दया करो हे हृदय विहारी-जन नायक सुर भूप |