" धर्म क्या अधर्म क्या इसकी कोई निश्चित परिभाषा नहीं है - जो आचरण मर्यादा के अनुकूल न हो वही अधर्म है।"
आज का दिन
तिथि
06-12-2025 शनिवार
द्वितीया
पौष (कृष्ण पक्ष)
सिद्धार्थी सम्वत्सर
विक्रम संवत 2082राहुकाल
9:00-10:30 A.M. प्रात:
श्री त्रिमूर्तिधाम पञ्चतीर्थ
का शाब्दिक अर्थ है - वह तीर्थ जहाँ 5 दिव्य विग्रह का वास हो...
आप सभी के ध्यानार्थ
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भक्तों के ध्यानार्थ
श्री त्रिमूर्तिधाम में प्रभु मौन की भाषा समझते हैं - अतएव भक्तों को मौन भाव से उनके समक्ष प्रार्थित होना ...
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सेवकों के ध्यानार्थ
सेवक के लिए अमर्यादित परिधान वर्जित है - निर्धारित परिधान पीत धोती कुर्त्ता अथवा पीत ...
श्री भृगु शरण मन्त्र
ॐ आत्मवेत्ता वेदान्त सूक्ष्म तत्व परं ग्रही। विधि मानस भूतिश्च श्री भृगु शरणं मम्।।
हसौं हंसः परं ब्रह्म योगिनां योगचितप्रभुः। रघूणां सुप्रकाशी च श्री भृगु शरणं मम्।।
शिवाज विष्णु नामीशो दृष्टा तेषां च संस्थितिम्ः। कमलाजः कमलाशापः श्री भृगु शरणं मम्।।
सर्व साक्षी सर्वमार्गी सर्वशास्त्र प्रवर्तकः। सर्वेभ्यः सुखदाता च श्री भृगु शरणं मम्।।
सच्चिदानन्द रूपश्च सत्कला सुप्रवर्धनः। सर्वनामी सर्व सौम्यः श्री भृगु शरणं मम्।।















