" तुम संसार को क्या जानोगे जब आपने आप को नहीं जान पाए।"
आज का दिन
तिथि
16-04-2026 वीरवार
चतुर्दशी
वैशाख (कृष्ण पक्ष)
रौद्र सम्वत्सर
विक्रम संवत 2083राहुकाल
1:30-3:00 P.M. सायंविवरण
वैशाख स्नान (02-04-2026 से 01-05-2026)
श्री त्रिमूर्तिधाम पञ्चतीर्थ
का शाब्दिक अर्थ है - वह तीर्थ जहाँ 5 दिव्य विग्रह का वास हो...
आप सभी के ध्यानार्थ
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भक्तों के ध्यानार्थ
श्री त्रिमूर्तिधाम में प्रभु मौन की भाषा समझते हैं - अतएव भक्तों को मौन भाव से उनके समक्ष प्रार्थित होना ...
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सेवकों के ध्यानार्थ
सेवक के लिए अमर्यादित परिधान वर्जित है - निर्धारित परिधान पीत धोती कुर्त्ता अथवा पीत ...
श्री भृगु शरण मन्त्र
ॐ आत्मवेत्ता वेदान्त सूक्ष्म तत्व परं ग्रही। विधि मानस भूतिश्च श्री भृगु शरणं मम्।।
हसौं हंसः परं ब्रह्म योगिनां योगचितप्रभुः। रघूणां सुप्रकाशी च श्री भृगु शरणं मम्।।
शिवाज विष्णु नामीशो दृष्टा तेषां च संस्थितिम्ः। कमलाजः कमलाशापः श्री भृगु शरणं मम्।।
सर्व साक्षी सर्वमार्गी सर्वशास्त्र प्रवर्तकः। सर्वेभ्यः सुखदाता च श्री भृगु शरणं मम्।।
सच्चिदानन्द रूपश्च सत्कला सुप्रवर्धनः। सर्वनामी सर्व सौम्यः श्री भृगु शरणं मम्।।















