" तम के पश्चात प्रकाश, दुख के पश्चात सुख, यह प्रकृति का नियम अटल है। "

  • तिथि
    09-08-2022 मंगलवार
    द्वादशी / त्रियोदशी 
    श्रावण (शुक्ल  पक्ष)
    2078 नल विक्रम संवत

  • राहुकाल
    3:00-4:30 P.M.  सायं
    व्रत
    भौम प्रदोष व्रत

मन्दिर समय 6:00 AM to 7:00 PM

मुख्य आरती समय

  • उत्थापन आरती प्रातः 6:30 – 7:00 बजे
  • सान्ध्य आरती सांय: 6:30 – 7:00 बजे
  • शयन आरती रात्रि: 7:30 बजे

अंजना माता की रसोई

  • नाश्ता प्रातः 8:00 – 9:00 बजे
  • मध्याह्न भोजन: 1:00 – 2:00 बजे
  • रात्रि भोजन: 7:00 – 8:00 बजे

पोशाक नियम

  • पुरुष धोती पहन कर धाम में होने वाली पूजन सेवा में शामिल हो सकते है।
  • स्त्री साड़ी पहन कर धाम में होने वाली पूजन सेवा में शामिल हो सकती है। (आगे पढ़ें)
भक्तों के ध्यानार्थ
श्री त्रिमूर्तिधाम में प्रभु मौन की भाषा समझते हैं – अतएव भक्तों को मौन भाव से उनके समक्ष प्रार्थित होना

कर्म अनुसार विशेष पूजन सामग्री

छोटे छोटे उपाए करे और जीवन में खुशियाँ पाएं।
शरीर पीड़ा, रोग भय, शत्रु पीड़ा को नाश करने के लिए, सुख प्राप्ति के हेतु, कर्म प्राप्ति हेतु।..

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श्री हनुमान जी का व्रत

किसी मनोरथ हेतु – यह व्रत मंगलवार अथवा शनिवार दोनों दिन किया जा सकता है – लेकिन दोनों दिनों में करने की विधि भिन्न भिन्न है।..

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