" श्रेष्ठतम भी संसार में तुच्छ है।"

  • तिथि
    21-07-2024 रविवार
    पूर्णिमा / प्रतिपदा 
    आषाढ़ (शुक्ल  पक्ष)
    कालयुक्त सम्वत्सर
    विक्रम संवत 2080

  • राहुकाल
    4:30-6:00   P.M.    सायं
    व्रत
    पूर्णिमा व्रत

  • पर्व
    श्री गुरु पूर्णिमा

  • विवरण
    श्री बालाजी अभिषेक - प्रातः 7:30 बजे, श्री अमरेश्वर जी अभिषेक - प्रातः 8:30 बजे, श्री भृगु जी पूजन - संगव 10 बजे, श्री भोज मध्याह्न 12:30 बजे

मन्दिर समय 6:00 AM to 7:00 PM

मुख्य आरती समय

  • उत्थापन आरती प्रातः 6:30 – 7:00 बजे
  • सान्ध्य आरती सांय: 6:30 – 7:00 बजे
  • शयन आरती रात्रि: 7:30 बजे

अंजना माता की रसोई

  • नाश्ता प्रातः 8:00 – 9:00 बजे
  • मध्याह्न भोजन: 1:00 – 2:00 बजे
  • रात्रि भोजन: 7:00 – 8:00 बजे

पोशाक नियम

  • पुरुष धोती पहन कर धाम में होने वाली पूजन सेवा में शामिल हो सकते है।
  • स्त्री साड़ी पहन कर धाम में होने वाली पूजन सेवा में शामिल हो सकती है। (आगे पढ़ें)
भक्तों के ध्यानार्थ
श्री त्रिमूर्तिधाम में प्रभु मौन की भाषा समझते हैं – अतएव भक्तों को मौन भाव से उनके समक्ष प्रार्थित होना

कर्म अनुसार विशेष पूजन सामग्री

छोटे छोटे उपाए करे और जीवन में खुशियाँ पाएं।
शरीर पीड़ा, रोग भय, शत्रु पीड़ा को नाश करने के लिए, सुख प्राप्ति के हेतु, कर्म प्राप्ति हेतु।..

..

श्री हनुमान जी का व्रत

किसी मनोरथ हेतु – यह व्रत मंगलवार अथवा शनिवार दोनों दिन किया जा सकता है – लेकिन दोनों दिनों में करने की विधि भिन्न भिन्न है।..

..

Load more