छ- मामभिरक्षय रघुकुल नायक धृत बर चाप रुचिर कर सायक ।।
मोह महा घन पटल प्रभंजन । संसय बिपिन अनल सुर रंजन ||
अगुन सगुन गुन मंदिर सुंदर । भ्रम तम प्रबल प्रताप दिवाकर ||
काम क्रोध मद गज पंचानन । बसहु निरंतर जन मन कानन ॥
बिषय मनोरथ पुंज कंज बन । प्रबल तुषार उदार पार मन ||
भव बारिधि मंदर परमं दर । बारय तारय संसृति दुस्तर ।।
स्याम गात राजीव बिलोचन । दीन बंधु प्रनतारति मोचन ||
अनुज जानकी सहित निरंतर । बसहु राम नृप मम उर अंतर ॥
मुनि रंजन महि मंडल मंडन । तुलसिदास प्रभु त्रास बिखंडन ||
श्री हनुमान वन्दना
अतुलित बलधामं हेमशैलाभ देहं‚
दनुजवन कृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।...
श्री हनुमान जी की स्तुति
नमो केसरी पूत महावीर वीरं, मंङ्गलागार रणरङ्गधीरं।
कपिवेष.. →...
श्री हनुमान जी की आरती (त्रिमूर्तिधाम की)
(यह आरती प्रातः काल नहीं की जानी चाहिए)
जय हनुमत बाबा, जय.. →...
श्री राम वन्दना
छ- मामभिरक्षय रघुकुल नायक धृत बर चाप रुचिर कर सायक ।। .. →...
श्री राम जी की स्तुति
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं ।
नवकञ्ज.. →...
श्री महालक्ष्म्यष्टकम्
नमस्तेऽस्तु महामाये श्री पीठे सुरपूजिते । शंङ्ग चक्र गदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥१॥ .. →...
श्री बालाजी की स्तुति (संसार के पालन हार हो तुम)
संसार के पालन हार हो तुम‚ बाला जी तुम्हारी जय होवे‚
हम सबके.. →...
श्री नवग्रह स्तोत्रम्
जपा कुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् । तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ||१||.. →...
श्री तुलसीदास जी कृत रुद्राष्टकम्
नमामी शमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्.. →...
महर्षि श्री भृगु जी की आरती
स्तुति
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः।.. →...
प्रार्थना
गुरू ब्रह्मा गुरु विष्णुः गुरू र्देवो महेश्वरः । गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः...
गुरु वन्दना
गुरुदेव सुनो, मैं पड़ा यहां, सिर रखे तुम्हारे चरणों में, इनका ही सहारा रखना सदा...
गणेश वन्दना
जय-जय गणनायक - हृदय विधायक- एक दन्त महाकाय,.. →...
क्षमा प्रार्थना
मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन ,
यत्पूजितं मयादेव.. →...